शिक्षा की परिभाषा जानते है

दोस्तो हर उम्र मे इंसान सिखता रहता है. शिक्षा हमारे जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय है. यदि इंसान शिक्षित नही होता तो शायद वह विकास की और बढता नही पता. हमारे जीवन मे education उपयोगी है. आज हम जानते है शिक्षा की परिभाषा क्या होती है.

आपको बता दे शिक्षा जो प्रकार की होती है. पहिली होती है जो हम स्कूल मे जाकर शिक्षक से लेते है. दुसरी ओ होती है जो हम दुनिया के द्वारा दिये गये प्रसंग और अनुभव से प्राप्त करते है. ये दोनो ही शिक्षा इंसान के लिये महत्वपूर्ण है. क्यूकी शिक्षा का मतलब नही इंसान को सचेत करना है,  जागृत करना है.

शिक्षा की परिभाषा जानते है

Education यांनी शिक्षा हमारे जीवन को सुसंस्कृत बनाती है. हमारे विचार प्रणाली को और सुदृढ बनाती है. प्राणी और मनुष्य मे जो सबसे बडा फरक आज हम देख सकते है वह यही है, मनुष्य शिक्षीत है, विकासशील, गतिशील है. दूसरी ओर प्राणिमात्र विकास शिक्षा के अभाव मे हुवा नही है. महात्मा गांधी कहते है,  “शिक्षा से मेरा तात्पर्य बालक और मनुष्य के शरीर, मन तथा आत्मा के सर्वांगीण एवं सर्वोत्कृष्ट विकास से है” 

Education के प्रकार

प्राचीन काल से हमारे देश मे शिक्षा को महत्व दिया गया है. राम, कृष्ण के काल मे भी छात्रो को शिक्षा दी जाती थी.  गुरुकुल मे रहने के बाद छात्र शिक्षित होता. हमारे जीवन में सबसे पहले शिक्षक माता-पिता होते है. Education यांनी शिक्षा के प्रकार देखा जाये तो बहुत सारे हो सकते है. समाज के द्वारा दी गई शिक्षा और स्कूल मे मिली शिक्षा ये दो प्रमुख प्रकार हमे देखने मिलते है. जब कोई व्यक्ति अपने प्रयासों से शिक्षा पूर्ण करता है और वह समाज में रह कर कौशल व मूल्यवान बन जाता है तो उस व्यक्ति को सही मायने में शिक्षित कहा जा सकता है.

Education के कार्य

शिक्षा प्राप्त करने के बाद इंसान के जीवन में बदलाव आता है. Education शिक्षा हमारे विचार, सोच को बदल देती है, प्रगल्भ करती है. शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे अर्जित करने के बाद मनुष्य समाज मे मूल्यवान बन जाता है. शिक्षा से हमे व्यापक दृष्टिकोन मिलता है. संसार मे चरित्र का साधन हमे शिक्षा के माध्यम से उपलब्ध होता है. अच्छे और बुरे का फरक समझने का विवेक हमे education के माध्यम से ही प्राप्त होता है.


स्कूल के education का महत्व

हर व्यक्ती के जीवन मे स्कूल का बहुत महत्व रहता है. हम जब स्कूल मे जाते है तब हमारी उमर छोटी होती है नादान होती है. सही और गलत का ज्ञान हमे इस उमरमे नही होता है. इसका ज्ञान देणे का कार्य education करता है. इसीलिए स्कूली शिक्षा को सबसे अधिक महत्त्व दिया जाता है. बचपन मे यदी व्यक्ती की निव संस्कारो से मजबूत हो, तो वह व्यक्ति आगे चल कर अच्छा इन्सान बन सकता है. अच्छे चरित्र ही, अच्छे समाज का निर्माण करते है. Education के द्वारा हमे नोकरिया धन अर्जित करने के साधन उपलब्ध होते है ये बात सही है. फिर भी धन अर्जित कर लेना ही शिक्षा नहीं है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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