एक आदमी जिसने विकसित किया जंगल

जंगल हमारे पर्यावरण के लिए बहुत उपयोगी है. आज हमारे सामने वातावरण बदलाव की समस्या खडी है. इस समस्या का जबाब हमे जंगल से मिल सकता है. आज हम जानेंगे एक ऐसे इंसान के बारेमे जिसने अकेले ही जंगल बना डाला. इस इन्सान का नाम है जादव पायेंग. जो Forest man of India के नाम से प्रसिद्ध है.

पर्यावरण का रक्षण करणे हेतू जादव पायेंग ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है. उनके किसी भाव को देखते हुए देश और दुनिया मे वह Forest man of India के नाम से प्रचलित है.

Forest man of India

असम के जोरहाट इलाके मे रहने वाले जादव पायेंग ने करीब चालीस वर्ष से पेड लगाने का कार्य किया है. जादव ने अकेले ही करीब 2000 एकड़ में फैला जंगल विकसित कर डाला है. उनके किसी कार्य को देखते हुए Forest man of India के नाम से वह जाने जाते है. इस जंगल में आज हम अनेक प्राणी देख सकते है. पंछियों कि चहचहाट् सून सकते है.

प्रेरक यात्रा की शुरुआत

जादव पायेंग Forest man of India की प्रेरक यात्रा की शुरुआत 1978 मे हुई थी. उस समय जादव दसवी कक्षा के छात्र थे. उनका परिवार ब्रह्मपुत्रा नदी के इलाके मे रहता था. उनका परिवार जोरहाट मे शिफ्ट हो गया. एक बार ऊन्हे अरुण सपोरी गाव मे साप मरे पडे दिखे. कारण पूछने पर यह पता चला की पेड पौधे न होने के कारण यह घटना घटी. इस दृश्यने जादव को अंदर तक झकझोर दिया. यही से जादव ने जंगल तयार करणे का फैसला किया.

हो गयी शुरुआत

जादव पायेंग ने ब्रह्मपुत्रा नदी के अरुण सपोरी इलाके मे वृक्षारोपण का कार्य शुरू कर दिया. रोज सुबह जल्दी उठकर Forest man of India जादव पायेंग अपने कार्य पर निकल जाते है. जंगल के क्षेत्र में जाकर वह पेड लगाते है. वृक्ष की देखभाल करते है.

धीरे धीरे बना जंगल

1979 मे जादव पायेंग ने अपना कार्य शुरू किया. आज इस जंगल में बहुत से प्राणी देखने को मिलते है. Forest man of India जादव पायेंग द्वारा विकसित जंगल मे बंगाल टाइगर सो से भी जादा हिरण भालू गिद्ध और कोई प्रकार के पक्षी देखणे मिलते है. इसके साथ ही अनेक प्रकार के साप यहा रहते है.

पाच हजार एकर का लक्ष्य

जादव पायेंग ने अपने कार्य से जंगल विकसित किया है. आने वाले समय मे वह पाच हजार एकर क्षेत्र मे वृक्षारोपण करणे का लक्ष्य रखते है. Forest man of India के नाम से उनका परिचय देश और दुनिया मे होगया है. देश के प्रत्येक नागरिक मे अपने जीवन में तो वृक्ष लगाना चाहिये ऐसा वह कहते है.

पद्मश्री देकर किया सन्मान

जादव पायेंग Forest man of India के महान कार्य को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 2015 मे उनको पद्मश्री सन्मान देकर सम्मानित किया गया.
साथ ही देश की प्रसिद्ध “जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी” ने साल 2012 में सम्मानित करते हुए “फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया” के उपनाम से भी नवाजा था.

अमेरिकी स्कूल के छात्र करेंगे अभ्यास

जादव पायेंग Forest man के कार्य को देखते हुए अमेरिका में पाठ्यक्रम उनके कार्य को शामिल किया गया है. 6 ठी कक्षा के बच्चे उनके कार्य पर बनी कहानी का अध्ययन करेंगे. अमेरिकी स्कूल ब्रिस्टल कनेक्टिकट के ग्रीन हिल्स स्कूल की कक्षा 6 के पाठ्यक्र में शामिल किया गया है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

1 Comment

  1. Yogesh misar Reply

    Jadav ji ke jaisi soch sbki yadi ho to watavaran shudh rahene me sahayta hogi. Ham sabko jadav ji ka anusaran karana hoga.

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