आंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस

हमारे देश में बहुत सारे लोग आज भी निरक्षर है. जो पडणा लिखना जानते नही. आज हम दुनिया को काबु मे करने की बात करते है लेकिन सामाजिक निरिक्षकता के बारे मे हम सबसे आगे है. International literacy day 8 सितम्बर को मनाया जाता है. आज हम साक्षरता के बारेमे संकल्प करते है. अपने समाज को साक्षर करणे का.

International literacy day की शुरुवात युनेस्कोने 7 नवंबर 1965 मे फैसला किया की हर वर्ष 8 सितम्बर को मनाया जायेगा. जिसकी शुरुवात 1966 से हूयी. साक्षरता के कारण ही व्यक्ती को समाज और समुदायाने महत्व का स्थान मिलता है. यह बात सबने जानना जरूरी है. सामाजिक निरक्षरता दूर करने के लिए आज के दिन प्रयास होने चाहिए इसलिये यह दिवस मनाया जाता है. विशेष कर वयस्क लोगो की शिक्षा के लिए विशेष प्रयत्न किये जाने चाहिये.

Literacy day theme 2020

हर वर्ष international literacy day मनाने के लिए हे विशेष theme के बारे मे विषय जुना जाता है. इस वर्ष भी covid-19 से जुडी थीमपर काम करणा होगा. कोरोना मे साक्षरता शिक्षण और शिक्षको की भूमिका यह इस बार की थीम होगी. Covid-19 के चलते सब कुछ बदल गया है. सब बाते हमको नये से शुरू करने पर रही है. शिक्षा क्षेत्र भी इससे प्रभावित हुआ है. इसीलिये आज का दिन महत्त्वपूर्ण माना जाता है.

क्यू है शिक्षा का महत्व

हमारे जीवन में जैसे प्राथमिक चीजो की आवश्यकता होती है उसी प्रकार शिक्षा का महत्त्व हमारे जीवन में काफी अधिक होता है. International literacy day के संदर्भ मे विचार करे तो हर 5 मे से एक पुरुष और तीन महिला अनपड है. यह वैश्विक रिपोर्ट है. इस रिपोर्ट को देखते हुए हमे साक्षरता का महत्व जानना चाहिये. हमारे आसपास जो भी निरक्षर लोग होंगे उन्हे साक्षर करने के लिए हमे प्रयास करणे चाहिये.

साक्षरता हे सामाजिक दायित्व

यदि हमारे आस पास कोई निरक्षर है तो उसे साक्षर करने की जिम्मेदारी हमे उठानी चाहिये. और यही international literacy day का संकल्प भी होना चाहिये. सामाजिक और पर बात करे तो साक्षरता के सुधार के लिए मारगरेट एटवुड, पॉलो कोहेलहो, फिलीप डेलर्म, पॉल ऑस्टर, फिलीप क्लॉडेल, फैटेउ डियोम इन लोगोने पहेल की है. इसके साथ ही रोटरी अंतर्राष्ट्रीय, मौंटब्लैंक और राष्ट्रीय साक्षरता संस्थान भी सामाजिक साक्षरत को बढ़ावा देने में शामिल हैं.

साक्षरता से जुडे कुछ मुद्दे

यदी हम यहा सोचते है कि साक्षर नही है तो क्या फरक पडता है. लेकिन यह सोचना गलत है. क्युकी निरक्षरता के कारण बहुत सारी समस्या का सामना हमे करना पडता है. International literacy day मनाने का उद्देश यही है की साक्षरता का महत्व सबने जा नना चाहिये. गरीबी को मिटाना, बालमृत्यू दर कम करना, जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना इन सामाजिक मुद्दो पर भी साक्षरता काम करती है.

भारत मे है वयस्क शिक्षा का प्रश्न

International literacy day के संदर्भ मे विचार करे तो भारत में वयस्क शिक्षा का प्रश्न काफी गंभीर है. भारत की बहुतांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र मे बस्ती है. जहा पर शिक्षा का अभाव आजभी हमको देखने मिलता है.  यूनेस्को के आंकड़ों के अनुसार, भारत की साक्षरता दर 72.1 प्रतिशत है। पुरुषों के बीच साक्षरता 80.9 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं के लिए यह 62.8 प्रतिशत है. कार्यात्मक साक्षरता महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत एक ऐसा देश है जहां लगभग 280 मिलियन से अधिक अशिक्षित वयस्क हैं और वयस्क शिक्षा भारत के लिए महत्वपूर्ण है.

साक्षरता क्षेत्र मे आनेवाली अडचने

International literacy day के अवसर पर हमे साक्षरता के क्षेत्र में काम करने का संकल्प करना चाहिये. जब हम यहा संकल्प करेंगे तो हमे नीचे दिये हुए मुद्दो पर जरूर विचार करना चाहिए.

विद्यालयों की कमी (भारत में लगभग 6 लाख स्कूल के कमरों की कमी है).
स्कूल में शौचालय आदि की कमी.
जातिवाद (भारत में एक मुद्दा है).
गरीबी (अधिक जनसंख्या के कारण साक्षरता में कमी).
लड़कियों के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ होने का डर.
जागरूकता की कमी.

ये सारे मुद्दे यदी हम दूर करते है तो हम साक्षरता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम कर सकते है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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