हरिद्वार की Srishti Goswami बनेगी एक दिन की मुख्यमंत्री

भारत मे 24 जनवरी बहुत महत्वपूर्ण दिवस है. इसी दिन पुरे देश मे बालिका दिवस मनाया जाता है. आपको बता दे हरिद्वार की सृष्टी गोस्वामी उत्तराखंड की एक दिन का मुख्यमंत्री बनने वाली है. आज हम जानते है Srishti Goswami one day cm के बारे मे.

बालिका दिवस का महत्व

अपने देश में 24 जनवरी बालिका दिवस मनाया जाता है. 2009 से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने सुरुवात की गई. 1966 मे श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने भारत की पहिली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वह दिन था 24 जनवरी. इसीलिये 24 जनवरी को पूरे देश मे राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है. इस दिवस के अवसर पर सृष्टी गोस्वामी का चयन एक दिन के मुख्यमंत्री के लिए किया गया है.

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Srishti Goswami one day cm

बालिका दिवस के अवसर पर Srishti Goswami का चयन उत्तराखंड के लिये एक दिन के मुख्यमंत्री के रूप मे किया गया है. जिसके लिये मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने इसकी मंजुरी दि है. सृष्टि बतौर मुख्यमंत्री के रूप मे उत्तराखंड के विकास कार्यो की समीक्षा करेगी. जिसके सामने विभागोके अधिकारी भी प्रेझेन्टेशन देंगे. उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा उषा नेगी ने बताया, मुख्य समारोह उत्तराखंड विधानसभा मे होगा.

कोन है सृष्टी गोस्वामी

हरिद्वार जिले के दौलतपूर गाव मे Srishti Goswami रहती है. वह बीएसएम पीजी कॉलेज रूडकी मे बीएससी अग्रीकल्चर के सातवे सेमिस्टर की छात्रा है. वह बालिका दिवस पर हुये कई कार्यक्रमो मे शामिल हो चुकी है. 2018 के मई मे वह उत्तराखंड बाल विधानसभा की मुख्यमंत्री बनी थी. सृष्टी के पिता प्रवीण व्यापारी है, मां सुधा गृहीणी और अंगणवाडी कार्यकर्ती है. इस अवसर को पा कर सृष्टी बहोत उत्साहित है. 2019 मे सृष्टीने थाईलेंड गायी थी जहा पर लडकीयो के अंतरराष्ट्रीय संमेलन मे नेतृत्व किया था.

लडकियो के शिक्षा के लिये करती है काम

उत्तराखंड के लिये एक दिन की मुख्यमंत्री बननेवाली Srishti Goswami का रुझान सामाजिक कार्यो की तरफ अधिक है. उसके पिता कहते है, वह एक होनहार बच्ची है. लडकियो की शिक्षा के लिये वह कार्य करती है. लडकियो के उत्थान के लिये वह कार्य करना चाहती है.

बालिका दिवस क्यो मनाते है

लडकियो के प्रती भेदभाव को मिटाने के लिये पुरे देश मे 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है. लडकियो के प्रती लैगिक भेदभाव ओर पक्षपात को दूर करने के लिये आज के दिन विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है. हमारे समाज मे लडकियो को सक्षम करने के लिये कोई बडा विकल्प नही दिया जा रहा है. इसीलिये देश मे बालिका दिवस मनायाजा रहा है.

बालिका दिवस के अवसर पर हमे यह संकल्प करना होगा, समाज मे महिला ओर बालिका का सम्मान करना है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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