भारत मे Vocational Education का महत्व

शिक्षा प्राप्त करने वाला व्यक्ति अपने साथ परिवार और समाज का भी विकास करता है. आज के दौर में व्यवसायिक शिक्षण बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. हम जानेंगे Vocational Education in india के बारे मे.

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने कहा था, शिक्षा हमारे जीवन को आकार देती है, परिस्थिती से लढणे के लिए बल प्रदान करती है. इसीलिए सभी को शिक्षित होना आवश्यक है. आधुनिक दौर मे शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षण भी महत्त्वपूर्ण हो गया है.

Vocational Education in india

पारंपरिक शिक्षण हमारे विचारो को सही दिशा दिखाता है. लेकिन परिवार का पालन-पोषण करने के लिए हमे Vocational Education in india  का विचार करना बहुत जरुरी है.  शिक्षण और व्यावसायिक शिक्षण दोनो अपनी जगह पर सही है.

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व्यवसाईक शिक्षा की शुरुवात कब हुई

1964 मे पहिली बार Vocational Education की शुरुवात राष्ट्रीय शिक्षा आयोग द्वारा की गई. 1986 मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने इस प्रस्ताव को मंजुरी di. 1986 से 1995 तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा +2 कक्षा के 30% छात्र को व्यवसायिक शिक्षा से जोडणे का लक्ष रखा था. इस लक्ष को प्राप्त करने के लिए distance education me भी शामिल किया.

व्यावसायिक शिक्षा का मतलब क्या है

ऐसा शिक्षण जो छात्र को व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहन मिले. छात्रो को Vocational Education सही तरीके से मिले इसलिये व्यावसायिक शिक्षा के कार्यान्वयन एवं नीती निर्माण की योजना बनाई गई थी.

केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त व्यवसायिक शिक्षा परिषद की स्थापना भी की गई है. यह परिषद देश कि कॉलेज और विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा के क्रियान्वयन हेतु मंजुरी प्रदान करती है.

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व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश क्या है

1 शिक्षा प्राप्त करने की बाद छात्र व्यावसायिक कौशल्य द्वारा जीविकोपार्जन करने मे सक्षम हो.

2 छात्र क्रियाशील बने उसका शारीरिक-मानसिक विकास तीव्र  होता रहे यह उद्देश भी Vocational Education का है.

3 सामाजिक और परिवारिक जिम्मेदारी को समझने के लिए छात्र मानसिक रूप से तयार हो यह उद्देश भी है.

4 शिक्षा का जो उद्देश रखा गया है उसे पूरा करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

5 व्यवसाय की छात्र को पहचान हो और उसे करने के लिए वह सक्षम बने.

6 पारंपारिक व्यवसाय चले आ रहे है, उनकी जानकारी देना और उनको बढाणा.

7 व्यवसाईक शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय आर्थिक संरचना को मजबूती प्रदान करना.

8 एक ऐसा शिक्षण जो पुरा करने के बाद छात्र आमदनी प्राप्त करने की योग्य बन जाता है.

व्यावसायिक शिक्षा के फायदे क्या है

इसीलिये Vocational Education लेने के बाद क्या फायदा होता है यह जानना जरूरी है.

1 यह ऐसा शिक्षण है जो छात्र को जॉब के लिए तयार करता है.

2 इस शिक्षण के माध्यम से ट्रेनिंग और कौशल प्रदान किया जाता है.

3 सरकारी और गैरसरकारी संघटन मे व्यावसायिक शिक्षा छात्रों के लिए उपलब्ध है.

4 छे महिना और सालाना कोर्स करने के बाद छात्र अपने पैरो पे खडे रहने की क्षमता प्राप्त करता है.

5 कारखाने  की जरुरत व्यावसायिक शिक्षा पूर्ण करती है.

6 व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त की जाती है तो आने वाले समय मे रोजगार मिलने के लिए उपयोग होता है.

7 आधुनिक दौर व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करनेवाला छात्र पुरी क्षमता के साथ खडा रह सकता है.

युवा को आत्मनिर्भर बनाना है तो Vocational Education in india सही विकल्प माना जाता है. क्युकी इसी के चलते छात्र अपने पैरो पर खडा हो सकता है. नोकरी की कमी के कारण बेरोजगार युवाओं की संख्या बडती जा रही है. ऐसे समय मे सही राह दिखाने का कार्य व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से किया जा रहा है.

भारत सरकार की लिंक से आप अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है : https://www.aicte-india.org/education/vocational-education

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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