आरती डोगरा की प्रेरक कहानी

दोस्तो हमारे जीवन में कही बार ऐसे प्रसंग आते है जिसने हम सब कुछ हार जाते है. लेकिन जीने का नाम वही है जहा हम परिस्थिती से लढते है और कामयाब होते है. आज आपको एक ऐसे ही शक्स से मीलवाते है, जिनेका कद छोटा है लेकिन पद बहुत बडा है. Arti Dogra story जानते है क्या है आरती डोगरा की कहानी.

दोस्तो कही बार कुदरत हमारे साथ या अन्य किसी के साथ शारीरिक व्यंग के स्तर पर कुछ कमिया छोड दि है. लेकिन कुछ ऐसे इंसान भी होते है जो कमीयोको नजर अंदाज करते है, और अपनी प्रगती की राह चलते है. आपको यह बता दे की आरती डोंगरा जिंका कद केवल तीन फूट छ इंच का है और वह IAS अधिकारी बनी है. जानते है Arati Dogra motivation story.

कद छोटा लेकिन पद बडा

जैसा आपको पहले ही बताया की आरती जी का कद केवल तीन फूट है. अपने शरीर के इस व्यंग को आरती जिने नजर अंदाज किया और ऐसे पद पर जा बैठी जहाँ जाने के लिए कडी मेहनत करना पडती है. आरती डोगरा राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी है. Arti Dogra story se महिला आइएएस के प्रशासनिक वर्ग में मिसाल बनकर उभरी हैं. उन्होंने समाज में बदलाव के लिए कई मॉडल पेश किए है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खूब पसंद आए है.

Arti Dogra story

Arti Dogra story से हमको यहा सीखने मिलता है की समस्या कोई भी हो हमे उसे घबराना नही है. उसका सामना करना है. आरती मुलं रूप से उत्तराखंड की रहने वाली है. जब समाज मे वह अपना छोटा लेकर जाती थी तब लोगों पर हस्ते थे म्हणू का मजाक उडाते थे. कै जगह पर तो उनकी माता पिता से कहा गया क ई आरती आप पर बोझ है. लेकिन आरती के माता पिता ने लोगो की और ध्यान नही दिया और अपनी बच्ची को खूब पढाया.

माता पिता ने दिया हौसला

समाज मे आरती को हमेशा से यह बात बतई जाती थी की उसका कद छोटा है. लेकिन आरती के पिता कर्नल राजेंद्र डोगरा, माता कुमकुम इन दोनों आरती को हौसला दिया. आरती के जन्म के समय डॉक्टरने कहा था यह बच्ची सामान्य नही है, अन्य बच्चो के साथ वह पड नही सकती. माता पिता के होसले के चलते आरती ने अपनी जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया और उसे पाया भी. Arti Dogra story हम सबको जीवन की और नये तरीके से देखने को प्रेरित करती है.

बडे बडे पद पर किया कार्य

Arati Dogra story हम सब को यह सिखाती है कि मनुष्य के जीवन में संघर्ष हमेशा आते रहते है. उसका सामना धैर्य से करणा चाहिये. IAS की परीक्षा पास होने के बाद आरती ने अपने कार्यकाल में बड़े-बड़े काम किये हैं. उन्हें राजस्थान के अजमेर की नई जिलाधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिली हैं. पहले भी वे एसडीएम अजमेर के पद पर भी पदस्थापित रही हैं. इससे पहले वे राजस्थान के बीकानेर और बूंदी जिलों में भी कलेक्टर का पदभार संभाल चुकी हैं. इसके पहले वो डिस्कॉम की मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर भी रह चुकी हैं.

आरती ने चला या स्वच्छता अभियान

Arti Dogra story हम सब को करती है. आरती जब बिकानेर की जिल्हाधिकारी बनी ‘बंको बिकाणो’ नामक अभियान की शुरुआत की. इसमें लोगों को खुले में शौच ना करने के लिए प्रेरित किया गया. इसके लिए प्रशासन के लोग सुबह गांव जाकर लोगों को खुले में शौच करने से रोकते थे। गांव-गांव पक्के शौचालय बनवाए गए जिसकी मॉनीटरिंग मोबाइल सॉफ्टवेयर के जरिए की जाती थी. यह अभियान 195 ग्राम पंचायतों तक सफलता पूर्वक चलाया गया. बंको बिकाणो की सफलता के बाद आस-पास से जिलों ने भी इस पैटर्न को अपनाया. आरती डोगरा को राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं.

पहिली महिला प्रबंध निदेशक बनी

Arti Dogra story हमे जीवन की और नये तरीके से देखने की प्रेरणा देती है. आरती जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी रही. आरती डोगरा ने पद ग्रहण करने के बाद कहा कि जोधपुर डिस्कॉम में फिजूल खर्ची, बिजली बर्बादी पर नियंत्रण लाया. दूरदराज में जहां बिजली नहीं है वहां बिजली पहुंचाने के सभी प्रयास किये उनके द्वारा किये गए. इसके अलावा बिजली बचत को लेकर जोधपुर डिस्कॉम में एनर्जी एफिशियेंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा उन्होंने 3 लाख 27 हजार 819 एलईडी बल्ब का वितरण भी करवाया था.

दोस्तो यह हे आरती डोंगरा की कहानी. कद छोटा होने पर भी आरती ने अपनी मेहनत और लगन से बडा पद हासिल किया. ऐसे लोगो का जीवन देखने पर हम सबको जीवन की और देखने की नई दृष्टि प्राप्त होती है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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