D’mart ki success story. अपने देश में ग्राहको की पसंद मे आनेवाला स्टोअर के नाम यदी हम देखे तो डी मार्ट का नाम सबसे आगे आता है. मुंबई से शुरू हुआ डी मार्ट आज पुरे देशभर मे शुरु हो गया है. कम समय मे लोगो के पसंद में यह रिटेल मॉल आया है. ग्राहक की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ईसकी रचना की गई है. आज हम जानते है D’mart ki success story.

D’mart ki success story

D’mart ki success story. डी मार्ट की सुरुवात करणे वाले राधाकृष्णन दमानी है. अपनी मेहनत और लगन के साथ उन्होने डी मार्ट रचना की है. कुछ महीनों पहिले Forbes ने भारत के अमिर लोगो की सूची जारी की थी. जिस्मे राधाकृष्णन दमानी जी का नाम था. दमानी जी एक शेयर बाजार निवेशक, शेयर दलाल, व्यापारी और संस्थापक और डी मार्ट कम्पनी के प्रमोटर है. उनकों लोग मिस्टर व्हाइट और व्हाइट भी बुलाते है.

डी मार्ट की शुरुवात कैसे हुई

Super market retail chain Avenue के नाम से डी-मार्ट को जाना जाता है. डी मार्ट संक्षिप्त नाम है जो लोगो की जुबान पर आसानीसे आता रहता है. डी मार्ट का कारोबार भारत में अब तिसरे स्थान पर पोहोच गया है. दमानी ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने कि कोशिश की, लेकिन वह परीक्षा को आगे जारी नहीं रख पाए. D’mart ki success story Hindi me.

राधाकृष्णन दमानी का परिचय

D’mart ki success story Hindi me. डी मार्ट की रचना करने वाले राधाकृष्णन दमानी शांत स्वभाव की व्यक्ती है. दमानी जी को हिंदी और इंग्लिश भाषा का अच्छा ज्ञान है. वह अपने आपको मीडिया या किसी भी जगह पर ज्यादा प्रसारित नहीं करते है वह अपने काम में ज्यादा विश्वास करते है.उनकी कंपनी में उनकी पत्नी और उनके भाई की हिस्सेदारी लभभग 82.2 % है, जिनकी बाजार में कीमत 33123 हजार करोड़ रूपये तक है.

पारिवारिक जीवन

अपने कार्य मे हमेशा व्यस्त रहने वाले दमानी जी का पारिवारिक जीवन संपन्न है. उनकी तीन बेटिया है. उनमें से एक का नाम मंजरी है. जो सुपर मार्केट की निर्देशक है. दमानी जी के भाई गोपीकिशन दमानी उनके सहाय्यक है. परिवार केसरी सदस्य सुपर मार्केट के लिये नही रचना और नियम बनाते रहते है. D’mart ki success story Hindi me.

जानते है डी-मार्ट के बारे मे

राधाकृष्ण दमानी जिने सूझ बुझ और मेहनत के साथ डी मार्ट को नही उचाई प्रदान की है. एक ही छत के नीचे एक ही स्थान पर औरत, पुरुष परिवार को चलाने वाले सभी घरेलू उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराता है.

D’mart ki success story

• घर के उपयोग की सारी वस्तुओं, खाने वाले भोज्य पदार्थ, कपडा, बरतन, सौन्दर्य प्रसाधन, बच्चों की जरूरतों के लिए टॉयज और गेम, स्टेशनरी, जुते, बिस्तर और नहाने के लिनन तक सब कुछ डी मार्ट के भंडार में आसानी से मिल जाता है.

• ग्राहकों को ध्यान में रख कर यह कंपनी अपने सभी छोटे बड़े निर्णय लेती है.

• दमानी ने अपनी कंपनी डी मार्ट की स्थापना 2002 में की और उन्होंने अपना पहला स्टोर नवी मुम्बई में स्थापित किया.

• भारत में कई जगहों पर इसके कुल 118 स्टोर है.

• कारोबार भारत के कई राज्यों में फैला हुआ है.

• भारत के कुल 9 राज्यों में इस कंपनी का स्टोर स्थापित है.

• गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलांगना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक शामिल है.

• इसके अलावा एक केद्र शासित प्रदेश में भी कंपनी का स्टोर है.

क्या है डी-मार्ट की पॉलिसी

• उत्पादों पर छुट देकर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने की नीति अपनाई और बहुत से ब्रांडो के उत्पाद पर भी छुट दिया.

• लोग डी मार्ट को इसलिए ज्यादा पसंद करते है, क्योंकि उन्हें अपने जरूरतों की सारी सामाग्री एक जगह से ही प्राप्त हो जाती है.

• लोग बेवजह भटकने से बच जाते है. डी मार्ट अपने तीन रूपों में बाजार में अपनी पैठ बनाये हुए है.

• सुपर सेंटर जो कि 1 लाख स्क्वायर फीट तक में फैला है.

• डी मार्ट कंपनी का लक्ष्य मध्यम वर्गीय परिवार को अपनी तरफ आकर्षित करना है.

D’mart ki success story में राधाकृष्णन दमानी जी का बहुत बडा योगदान है. जो भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत करने में सहयोग देता है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

1 Comment

  1. Yogesh misar Reply

    Ye ek prerk kahani hai. Jo sabko sahi maargdarshan kr rahi hai. Yuwa ko nayi raha mil sakti hai.

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