क्विक हील की कहानी क्या है

दोस्तो यदी हमे जीवन मे सफलता पानी है तो हमें सही रास्ता चूनना होता है इसके साथ ही कडी मेहनत और लगन जरूरी होती है. आज हम आपको केवल दसवी कक्षा पास हुए युवा की कहानी बताने जा रहे है जिसने अपने लगन से quick heal कॉम्पुटर अँटीव्हायरस तयार किया है. जानते है क्विक हील की कहानी क्या है..

आज हम अपने आस पास कोई भी कॉम्प्युटर मोबाईल लॅपटॉप यदि देखते है तो सभी मे हमे एंटीवायरस के रूप मे quick heal नजर आता है. यह अँटीव्हायरसअन्य की तुलना मे प्रभावी रूप से काम करता है और लोगों को पसंद अा रहा है. इस अँटीव्हायरस कंपनी को खडा करने के लिए जिस शक्स ने कार्य किया है उनका नाम है कैलाश काटकर जो केवळ दसवी कक्षा पास है.

कौन है कैलाश काटकर

आज यदी हम देखने जाये तो दुनिया भर के बहुत सारे कंप्यूटर में लॅपटॉप मे हमे quick heal अँटिव्हायरस दिखाई देता है. इसे तयार करने वाले कैलाश काटकर का जन्म महाराष्ट्र के रहमतपुर गाव मे हुआ था. उनकी आर्थिकस्थिती बहुतही कमजोर थी. उनके पिताजी पुणे-1 मशीन सेंटर मे काम करते थे. परिवार की जिम्मेदारी को उठाने के लिए कैलाश को दसवी कक्षा के बाद पढाई छोड नी पडी. वह मोबाइल रिपेयर करने वाली दुकान में काम करने लगे. जहा उन्हे चारसो रुपये मिलते थे. सुरुवाती दौर मे वह दुकान की सफाई करने से लेकर चाय लाने तक काम किया. लंबे समय तक यह काम करने के बाद वह मुंबई चले गये वहा पर कैलाश ने मोबाईल और कॉम्प्युटर दुरुस्त करणे की ट्रेनिंग ली.

पुणे आकर खोली अपनी दुकान

मुंबई मे ट्रेनिंग लेने के बाद कैलाश काटकर पुणे मे वापस आये. ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने अपने बिजनेस का प्लान तयार किया था. पुणे मे उन्होने किराये पर छोटी दुकान लेकर वहा पर calculator repairing करने लगे. अच्छी सर्विस देणे की वजहसे उनकी दुकान चलने लगी ग्राहक बढ़ने लगे. कैलास ने अपने साथ भाई संजय को भी लिया. कैलाश नही अपने भाई संजय को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया. दुकान अच्छी चलने की वजहसे उन्होने समय के साथ नई टेक्नॉलॉजी को स्वीकार किया और quick heal के बारेमे जानकारी लेने लगे.

Quick heal की कहानी

पुणे मे दुकान का कारोबार अच्छा चल रहा था कभी कैलाश काटकर के खयाल मे एक बात आई जो कम्प्युटर से जुडी थी. वह यह की दुकान मे जादा तर रिपेअरिंग के लिए कॉम्प्युटर आ रहे है. व्हायरस के चलते कॉम्प्युटर खराब हो रहे है. और काम करना बंद कर रहे है. वायरस को निकालने के लिए कैलाश और संजय प्रयत्न करते थे. सातही उनके मन में यह विचार आया यदी हम अँटिव्हायरस बनाते है तो कैसा रहेगा. इस विचार के साथ ही कैलाश ने अँटिव्हायरस का नाम quick heal रखा.

Quick heal हुवा दुनिया मे मशहूर

Quick heal antivirus कोलेकर कैलाश और संजय काम करने लगे. उनके द्वारा तैयार किया गया quick heal अँटिव्हायरस कम्प्युटर की उमर बढाता है, लंबे समय तक कॉम्प्युटर को वह खराब होणे नही देता. पूरी दुनिया में quick heal लोगो को पसंद आ रहा है. यह अच्छी तरह से काम करता है. कम्प्युटर मे काम करते वक्त किसी भी प्रकार के वायरस के हम्ले से उसे बचाता है. नया कोई भी कम्प्युटर लॅपटॉप जब भी लिया जाता है तो उस्मे अँटिव्हायरस के रूप में quick heal को स्थापित किया जाता है.

अपनी मेहनत और लगन के साथ कैलाश काटकर और संजय ने मिलकर quick heal जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रॉडक्ट का निर्माण किया और दुनिया भर में वह मशहूर भी हो गया. अपने आसपास रहे लोगो के बारेमे यदी हम जानते है तो हमें निश्चित ही प्रेरणा मिलती है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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