जानते है सायरस पूनावाला के कारोबार के बारे मे

कुछ दिनों से हम सभी कोरोना संक्रमण का सामना कर रहे है. हम सब को यही उम्मीद है इस बिमारी पर जल्दी से कोई vaccine निकल आये. पुना मे स्थित Serum institutes ने वॅक्सिंन बनाने का कार्य सुरू कर दिया है. सिरम इन्स्टिट्यूट के मालिक है सायरस पूनावाला. देश के सबसे अमीर आदमी की की गिनती मे वह शामिल है. बिझनेस और सामाजिक दायित्व के लिए वह पूरी दुनिया मे मशहूर है. जानते है Serum institutes success story के बारे मे.

सायरस पूनावाला का कारोबार

जब भी हम Serum institutes success story के बारे मे बात करेंगे तब सबसे पहले हमे सायरस पूनावाला के बारे मे जाना होगा. साइरस पूनावाला के पिता सोली ए पूनावाला ने 1946 में एक मेल और एक दर्जन फीमेल घोड़ों से पूनावाला स्टड फार्म स्थापित किया. वहीं उनके बेटे साइरस पूनावाला अपनी स्कूली पढ़ाई द बिशप स्कूल पुणे से और आगे की पढ़ाई बृहन महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पूरी की. पढ़ाई पूरा होते ही साइरस पूनावाला ने अपने स्टड फार्म को आगे बढ़ाने के लिए विचार किया.

vaccine बनाने की कोशिश

पढाई पुरी करने के बाद सायरस पूनावाला अपने कारोबार को देखने लगे. उन्होंने सोचा कि वह कुछ ऐसा करें जिससे करोड़ों लोगों की समस्या दूर हो सके. इसलिए उन्होंने अपने स्टड फ्रॉम के घोड़े के सिरम के जरिए सस्ती वैक्सीन बनाने लगे. हालांकि सिरम से वैक्सीन पहले भी बनाई जाती थी. लेकिन वह काफी महंगी होती थी. जिससे आम लोग उस वैक्सीन को नहीं ले पाते थे. ज्यादा लोगों की मदद करने के लिए साइरस पूनावाला ने 1966 को सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की स्थापना की. जहां पर उन्होंने 10 डॉक्टर और साइंटिस्ट हाफकीन इंस्टीट्यूट से हायर किया. 2 साल के बाद उन्होंने मिलकर anti टेटनस सिरम बनाया. यही Serum institutes success story की शुरुवात हो गई.

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Serum institutes success story

कारोबार के शुरुवाती दौर मे सायरस पूनावाला ने काफी मेहनत की जिसके चलते उनकी किस्मत चमक उठी. कुछ साल बाद ही सरकारी हॉस्पिटल में सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट भी उन्हें मिला. आज उनकी कंपनी कई जीवन रक्षक वैक्सीन बनाती है. जो 140 देशों में एक्सपोर्ट की जाती है. Serum institutes success story का राज यही है कडी मेहनत और समाज की भलाई सोचना. साइरस पूनावाला की एक कोशिश ने 50 करोड़ बच्चों और बड़ों को वैक्सीन मिल सकी. सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बदौलत 80 के दशक में काली खांसी जैसी बीमारियों की लड़ने की क्षमता हासिल हो पाई.

अधिक जानते हैं सायरस पूनावाला के बारे मे

कारोबार के साथ ही सायरस पूनावाला अपने सामाजिक दायित्व के लिए विश्वभर मे पहचाने जाते है. Serum institutes success story की सफलता के बाद वह अनेक पुरस्कार और सम्मान असे नवाजा गये. जानते है उनके बारे में अधिक.

• फोर्ब्स मॅगझीन कहता है, पूनावाला 83,000 करोड़ रुपए (8.6 अरब डॉलर) की प्रॉपर्टी के मालिक हैं.

• वे दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन फैक्ट्री सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के चेयरमैन हैं.

• कंपनी ने कुल 360 मिलियन डॉलर का प्रॉफिट कमाया है

• पूनावाला 150 मिलियन डॉलर डेंगू, निमोनिया और डायरिया की नई दवाईयां बनाने में खर्च करने वाले हैं.

• वे देश के सबसे बड़े स्टड फार्म (घोड़ा फार्म) के मालिक भी हैं.

• साइरस पूनावाला कार्स के बड़े शौकीन हैं. उनके पास फरारी, रोल्स रॉयल, गेम्बाला, लेम्बोर्गिनी समेत कई लग्जरी कारें हैं.

• साइरुस अक्सर पार्टीज में सिर पर हैट लगाए नजर आते हैं, वे सिगार पीने और हॉर्स राइडिंग के भी शौकीन हैं.

प्रेरणा देती रहेगी Serum institutes success story

सायरस पूनावाला अपने देश के एक ऐसे इंसान है जो बिजनेस करते हुए भी मानवता धर्म और सामाजिक दायित्व को निभाते है. यही कारण है कि वह Serum institutes success story की रचना कर पाये है. भारत की वह चौथे अमीर आदमी है. हाल ही में उन्होंने युरोप की कंपनी खरेदी है. दुनिया चाहे कोरोना के बारे मे जो भी बाते करे लेकिन पूनावाला का यह दावा है कि वह कोरोना पर जल्द ही असरदार vaccine उपलब्ध करा देंगे. उनकी यही सोच हम सबको प्रेरणा देती है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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