सोनम वांगचुक की कहानी

दोस्तो आज हम ऐसे शक्स के बारे मे बात करने वाले है जिंका पुरा जीवन समाजके सुधार में लगा है. विशेष कर शिक्षा के क्षेत्र में उनका कार्य महत्त्वपूर्ण और प्रभाव डालने वाला रहा है. अपने सोच से उन्होने शिक्षा के क्षेत्र मे बदलाव लाया है. जी हा हम Sonam wangchuk के बारे मे बात कर रहे है. जानते है सोनम वांगचुक की कहानी.

इंसान चाहे कोई भी मी परिस्थिती मे रहे लेकिन उसके अंदर बदलाव लाने की चाहत यदि हो तो कोई बात मुश्‍किल नही. इसके लिये एक शर्त रहती है और वह है जो भी करना है पुरी लगन के साथ करना है. Sonam wangchuk ne जो भी कार्य समाज के साथ किया है वह लगन और ईमानदारी के साथ किया है. उनकी लगन और मेहनत से पूरे विश्व मे उनके कार्य कोो पहेचाना जाता है.

Sonam wangchuk की कहानी

Sonam wangchuk लदाख के पहाडी मे रहते है. उनका जन्म 1 सितंबर 1966 को लदाख के Uley-Tokpo गाव मे हुआ था. आपको बता दे इस गाव मे सिर्फ फत इं परिवार रहते थे. शुरूआती जीवन के आठ वर्ष उन्होने प्रारंभिक शिक्षा को दिये.  उनकी पिताजी राजकीय नेता जो बाद में राज्य सरकार की मंत्री बने. यदि सोनम जी चाहते तो अपनी जिंदगी आसानी से गुजार सकते थे. लेकिन उन्होने अपनी राहतो चुनी.

Sonam wangchuk का संघर्ष

Sonam wangchuk का जीवन संघर्ष से भरा है. इंजीनियरिंग विषय के संदर्भ मे पिता से उनका विवाद हो गया. लेकिन उन्होने मन की सुनते हुए मेकॅनिकल इंजिनियरिंग की पढाई की. जिसके कारण पिताजी ने आगे की पढाई के लिए पैसे दिये नही. पढाई का खर्चा करने के लिए सोनम जी ट्युशन पढाई. ट्युशन लेते वक्त शिक्षा प्रणाली के कुछ कमजोर विषय उनके खयाल मे आये. और उनको अपने कार्य कि दिशा मिल गई. शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सोनम जिने अपना जीवन समर्पित किया है.

स्थानिक भाषा मे दिया पाठ्यक्रम

Sonam wangchuk ने शिक्षा के क्षेत्र मे बदलावं लाने के लिए student educational and cultural movement of Ladakh (SACMOL) की स्थापना की. शिक्षा का स्थानीय करण करणा यह संस्था का उद्देश. जिस के माध्यम से लद्दाख के सरकारी स्कूल के पाठ्यक्रम स्थानीय भाषामे तयार किये गये. जिस का परिणाम यह हुआदसवी कक्षा मे उत्तीर्ण होनेवाले छात्रो की प्रतिशत 75 प्रतिशत हो गयी.

फेल छात्रो का विद्यालय

Sonam wangchuk ने अपनी सोच से लदाख मे अनूठे स्कूल की स्थापना की. फेल हो गये छात्रो को इस स्कूल में दाखिला मिलता है. परीक्षा मे फेल होने वाले छत्र का मनोबल टूट जाता है. जीवन से हार जाता है. ऐसे छात्रो को जीवन के प्रवाह मे लाने के लिए यह स्कूल काम करती है. यह स्कूल पूरी तरह से प्रायोगिक शिक्षा पर आधारित है. स्कूल के अधिकांश काम छात्र द्वारा किये जाते है. यहाँ के बच्चों द्वारा नये नये तकनीक का अविष्कार किया जाता है जो मानवी जीवन को अधिक सहज बनाता है.

ग्लेशियर का अविष्कार किया

Sonam wangchuk ने अपने समाज के लिए हे कार्य करणे को प्राथमिकता दि है. इसीलिए वह जहा रहते है वहा के जीवन को सुधारने के लिए हमेशा प्रयास करते है. हिमालय की गोद मे बसा लदाख मे पानी की कमी रहती है. इस समस्या से निपटने के लिए सोनम जी ने कृत्रिम ग्लेशियर का निर्माण किया. जगह जगह पर स्तूप बनाये गये. एक स्तूप के माध्यम से 12 एकड जमीन सीचाई होती है. जिस का परिणाम यह हुआ कि किसान अपने अपने खेतो मे काम करने लगे. उनके जीवन मान मे सुधार आया.

समाज के प्रति आस्था और प्रेम रखने वाले Sonam wangchuk का दृष्टिकोन सकारात्मक है. यदि आप उनकी संस्था से जुडणा चाहते है तो नीचे दिये नंबर पर संपर्क कर सकते है.

SECMOL Office in Leh : (+91) 1982 252421
SECMOL Campus, Phey: (+91) 1982 226120

Author

शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

1 Comment

  1. Yogesh misar Reply

    Sonam ji ka kary bahut achha hai. Bachho kisi shiksha ke bare me wo nek kam kr rhe hai.

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