भारतीय जनता पार्टी की एक अभ्यासू और बरिष्ठ नेता के रूप में सुषमा स्वराज जी की और देखा जाता है. सुषमा जी का वकृत्व अमोघ था. वें काफी मेहनत और अभ्यास करके अपना भाषण देती थी. अपनी अमोघ वाणी से सबको मोहित करने वाली सुषमा जी 6 अगस्त 2019 को यह संसार छोड के चली गई. आइए जानते है सुषमा जी के जीवन के बारे मे.

सुषमा जी भाजपा की एक ऐसी हस्ती थी जिने प्रखर वक्ता के रूप में जाना जाता था. वह जब विदेश मंत्री बनी तब उन्होने आम आदमी को विदेश मंत्रालय से जोड दिया. सिर्फ ट्वीट करने परभी वह विदेश मे फसे भारतीय की मदत करती थी.

मृत्यु से पहले हुआ आभास

सुषमा जी अपने कार्य मे इतनी व्यस्त रहती थी कि हर समय उन्हें अपने कार्य काही खयाल रहता था. अपने पार्टी से उन्हे लगाव था. निधन से पूर्व जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने पर उन्होने पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी को बधाई दी थी. उन्होंने अपने ट्विट मे लिखा था, अपने जीवनकाल में मैं इस दिन को देखने का इंतजार कर रही थी. इस ट्वीट के कुछ घंटे बाद दिल का दौरा पड़ने से एम्स में उनका निधन हो गया.

नागरीको की नेता

सुषमा जी का पूरा चरित्र खुली किताब की तरह था. वे आम आदमी से खुलकर मिला करती थी. समाज के प्रति उनके मन मे आदर भाव था. कारण था आम् आदमी उनसे आसानी से मिल सकता था. वेळ केंद्र सरकार की बडी मंत्री थी फिर भी नागरिको से खुलकर मिलती थी. सोशल मीडिया के जरिये सूचना मिलते ही विदेश मे फसे भारतीय लोगो की मदत करणे मे जाती थी.

दिल्ली की पहिली महिला मुख्यमंत्री

सुषमा जी की कार्यशैली अभूतपूर्व थी. अपने कार्य को वह पोरे निष्ठा के साथ पुरा करती थी. सुषमा जी को हरियाणा सरकार में सबसे युवा कॅबिनेट होने का श्रेय अभी मिला था. इसके साथ वह दिल्ली की पहिली मुख्यमंत्री बनी थी. इंदिराजी के बाद देश की दुसरी महिला विदेश मंत्री सुषमा जी थी. किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल की पहिली महिला प्रवक्ता होने का श्रेयही उनको ही जाता है.

राजनीतिक जीवन

सुषमा जी ने अपना राजनीतिक जीवन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मे शामिल हो कर की. विद्यार्थी परिषद के बाद वह भाजपा मे शामिल हो गई. 1996 ने जब अटलजी सरकार तेरा दिन चली थी उसमे सुषमा जी प्रसारण मंत्री थी. 1998 मे अटलजी दोबारा सत्ता मे आये तब सुषमा जी कॅबिनेट मंत्री बनी. सुषमा जी ने अपने जीवन में हमेशा चुनौती का स्वीकार किया. भाजप के वरिष्ठ नेता अडवाणीजी का स्नेह सुषमा जी पर था. 2009 से 2014 इस कार्यकाल मे सुषमा जी लोकसभा मे विपक्ष नेता भी रही. सातबार वह संसद सदस्य रूप मे चुनी गई थी.

उत्तम वक्ता थी सुषमा जी

सुषमा जिने उच्चतम न्यायालय मे वकालत भी की थी. उनका विवाह उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल से हुआ था. कौशल भी मिझोरम के राज्यपाल तथा संसद सदस्य भी रहे थे. सुषमा जी उत्तम वक्ता थी. वजब भाषण देती थी तब विपक्ष के नेता भी उनकी बातों को ध्यान से सुनते थे. संस्कृत पर उनका विशेष प्रभुत्व था. विदेश मंत्री के रूप मे उन्होने भारत-पाक और भारत-चीन संबंध में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

1 Comment

  1. Nandkishor kulkarni Reply

    आदरांजली व विनम्र अभिवादन

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