दोस्तो हिमालय की चोटी मे कारगिल मे हुए युद्ध के दौरान हमारे भारतीय जवानों ने अतुलनीय शौर्य दिखाया था. जिस से दुश्मन को पीछे हटना पडा था. कारगिल युद्ध के दौरान फ्लाइट लेफ्टनंट गुंजन सक्सेना भी शामिल थी. जिन्होने दुश्मन के सिने मे घबराहट पैदा कर दी थी. गुंजन सक्सेना पर Gunjan Saxena the Kargil girl यह मुव्ही बनने जा रही है. जानते है गुंजन सक्सेना की कहानी.

लडाकू विमान का शोक

बचपन मे जब भी गुंजन सक्सेना लडाकू विमान आसमान मे उडता देखती थी. तब उनके दिल में उसे उडाने की चाहत होती थी. इसीलिए उन्होने ठान लिया था भारतीय एअर फॉर्स मे शामिल होने का. गुंजन के पिताजी और भाई दोनो भी सेना मे शामिल है. इसलिये अपने देश के लिये जान कुर्बान करने का जजबा गुंजन के दिल मे बचपन से ही है.

सेना मे दाखील

दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेजसे गुंजन ने ग्रॅज्युएशन कम्प्लीट किया. उसके बाद उन्होंने Air force जोईन कर लिया. गुंजन सक्सेना और विद्या राजन प्रशिक्षित पायलट की टीम मे शामिल हो गये. 1994 मे उन्हे भारतीय वायुसेना के पहिले बॅच मे शामिल होने का मोका मिला. 1999 कारगिल युद्ध हुवा तब उन्हे गुन्हे अपने देश के लिए कुछ करने का मोका मिला. युद्ध के दौरान फायटर जेट उडाने से पहले गुंजने कभी भी फायटर विमान उडाया नही था. युद्ध के दौरान जब सेनाको पायलट की जरूरत पडी तब गुंजन और विद्या को युद्धक्षेत्र में भेजने का फैसला किया गया.

मुव्ही का पोस्टर

कारगिल युद्ध मे शामिल

कारगिल युद्ध के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था. दोनो और से गोलिया और बमबारी हो रही थी. ऐसे प्रसंग में भारत के घायल जवानों को बचाने की जिम्मेवारी गुंजन और विद्या को सोपी गई. गुंजन और विद्या को काश्मीर के ऊसक्षेत्र मे भेजा गया जहा पाकिस्तान की और से लगातार गोलीबारी हो रही थी. गुंजन और विद्या ने अपनी जान पर खेलकर जखमी भारतीय जवानको युद्ध भूमि से बाहर निकाला. इस दरम्यान उनके हेलिकॉप्टर पर पाकिस्तान की और से रॉकेट लॉंचर से हमला किया गया. बिना हत्यार से गुंजन ने अपने भारतीय जवानों की रक्षा की.

जान पर खेली गुंजन

युद्ध के दौरान कइ बार गुंजन को अपना फायटर जेट line of control के बिल्कुल नजदीक से लेना पडा. जिससे पाकिस्तानी सैनिको की पोझिशन का पता चल सके. गुंजन और विद्याने अपनी जान पर खेलकर मिशन को अंजाम दिया था. कारगिल युद्ध मे बहादुरी का परिचय देणे वाली गुंजन सक्सेना को भारत सरकारने शौर्य विर पुरस्कार से सम्मानित किया. यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली गुंजन पहिली भारतीय महिला बनी.

Gunjan Saxena the Kargil girl

कारगिल युद्ध के दौरान गुंजन सक्सेना ने दिखाये पराक्रम को अब हम बडे पडदे पर भी देख सकेंगे. करण जोहर गुंजन सक्सेना के पराक्रम पर आधारित Gunjan Saxena the Kargil girl यह मुव्ही बनाने जा रहे है. इस मुव्ही मे गुंजन का पात्र जानवी कपूर निभाने वाली है. अगले वर्ष तक यह मुव्ही पुरी होने की उम्मीद है.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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