भारत के अर्थसंकल्प के रोचक तथ्य

हमारे देश के लिए विभिन्न विकास कार्य करने के लिए जो भी खर्च होता है उसका हिसाब और भविष्य में निर्माण होने वाले विकास प्रोजेक्ट के लिये निधी का उपलब्ध कराने के लिये देश के वित्त मंत्री अर्थसंकल्प पेश करते है. अर्थसंकल्प पेश करने के बाद चीजो के भाव में बढोतरी होती है, या भाव कम होते है. आज हम जानते है Indian budget के बारे मे.

हम सभी अपने अपने घर को चलाने के लिए कुछ ना कुछ काम करते है और आमदनी कमाते है. हम जो भी कमाते है, उसके नुसार अपने खर्चे करते है. हर खर्चे के लिये हम कुछ पैसा जमा कर के रखते है. यहा हम जो करते है उसे एक घर का अर्थसंकल्प budget कहा जाता है. हर कोई अपने अपने आमदनी के नुसार खर्चे का प्रावधान करता है.

Indian budget

1 1860 मी पहिला भारतीय बजेट राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन द्वारा पेश किया गया था. विल्सन ने यह बजेट सात एप्रिल को पेश किया था.

2 स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन को भारतीय बजेटका सभा संस्थापक माना जाता है.

3 भारतीय बजेट पेश करने की परंपरा लगभग 150 साल पुरानी है. बजट पेश करने की परंपरा मे काफी बदलाव देख सकते है.

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स्वतंत्र भारत का पहला बजेट

15 अगस्ट 1947 को भारत देश आजाद हुआ. स्वतंत्रता मिलने की बाद अपने देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ बनाने के लिए, सभी परियोजना चलाने के लिये ये देश के पहले वित्त मंत्री आर के षण्मुगम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया जो 31 मार्च 1948 के दौरान साडेसात महीनो का था.

सबसे ज्यादा बजेट किसने पेश कीये

बजेट का इतिहास जब हम देखते है तो लगभग सो साल पुराना Indian budget का इतिहास हमे दिखता है. स्वतंत्रता के बाद भारत मे सबसे अधिक बजेट पेश करनेवाले नेता है मोरारजी देसाई. मोरारजी ने अब तक दस बार बजेट पेश किया है. छे बार वित्तमंत्री और चार बार मोरारजी उपप्रधानमंत्री रहे. अपने जन्मदिवस पर बजेट पेश करने वाले वह एक मात्र मंत्री है.

बजेट पेश करनेवाली पहिली महिला

भारतीय बजेट नको बहुत बडी परंपरा हम देखते है. स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भारत मे श्रीमती इंदिरा गांधी पहिली महिला वित्त मंत्री बनी थी. जिन्होंने 1970 मे पहिला Indian budget पेश किया था. इसी समय वह देश की प्रधानमंत्री भी थी.

भारतीय बजेट के कुछ रोचक fact

पुरे देश का बजेट बनाना आसान बात नही है. एक दिन मे पेश होने वाला बजेट तयार करने के लिए महिनो की मेहनत करनी पडती है. अब जानते है भारतीय बजेट के fact

1 अंग्रेजी परंपरा के अनुसार वर्ष 2000 तक बजेट शाम को पाच बजे प्रस्तुत किया जाता था लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वर्ष 2001 मे इस परंपरा को तोडा गया. बजेट शाम कि बजाय सुबह ग्यारा बजे पेश किया. इस समय वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा थे.

2 सर बेसिल ब्लैकेट ने 1924 से शाम 5 बजे बजेट पेश करने की प्रथा शुरू की थी.

3 संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार केंद्रीय बजेट सरकार की अनुमानित आमदनी और खर्चे का लेखाजोखा है.

4 बजट के दस्तावेज ब्रीफकेस मे रखे जाते है. 7 1860 मे पहिला भारतीय बजेट पेश करने के लिए जिस लाल ब्रिफकेस का उपयोग विल्सन द्वारा किया गया था वही ब्रिफकेस अगले देड सो साल तक यांनी 2010 तक इस्तेमाल किया गया.

भारतीय बजेट कैसे बनता है

बजेट बनाने के लिए पूर्वतयारी बहुत पहले से शुरू की जाती है. जिस्मे सभी केंद्रीय मंत्रालय राज्य केंद्रशासित प्रदेश स्वायत्त निकाय रक्षा बल इन सभी को circular जारी किया जाता है. आनेवाली वर्ष मे खर्चे का अनुमान लिया जाता है. सभी मंत्रालय और विभागो की मांगे आने के बाद केंद्रीय मंत्रालय और वित्त मंत्रालय चर्चा करणे के लिये बैठते है. उसके बाद Indian budget बनाने की प्रोसेस सुरू की जाती है.

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बजेट की छपाई कहा होती है

भारतीय बजेट की छपाई मंत्रालय के प्रिंटिंग प्रेस मे की जाती है. ऐसा इसलिये किया जाता है कोई जानकारी सूचना लिक ना हो. बजट को सबसे सुरक्षित दस्तावेज माना जाता है. बजट पेश करणे के दो दिन पहले मध्यरात्री मे प्रिंटर्स को दिया जाता है. 1950 मे राष्ट्रपती भवन परत बजेट प्रिंट होता था जो लीक हो गया था. छपाई के दोरान वहा पर वित्त मंत्री के साथ इंटेलिजन्स ब्युरो चीफ अचानक दौरा कर सकते है.

अब 2021 मे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजेट पेश करने जा रही है. आप सभी को Indian budget की प्रोसेस  समज आये, इसलिये यह प्रयास किया गया है. आम आदमी के जीवन पर बजेट प्रभाव डालता है. इसलिये हमे यह जानना जरूरी है बजेट तयार कैसे होता है. उम्मीद है आप को यह जानकारी अच्छी लगेगी.

 

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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