राजनेताओको पेन्शन मिलनी चाहिये

दोस्तो हाल ही मे हमने अपनी आजादी का जश्न मनाया है. लेकिन पिछले कुछ वर्ष से अब भी स्वातंत्र्य की किरणे पहुची नही है. इन क्षेत्र में pension scheme भी शामिल है. जहा कोई सरकारी कर्मचारी अपनी नोकरी के 30 साल गुजरता है तब जाकर उसे pension मिलती है. इसके लिए भी उसे बहुत पापड बेलना पडते है. राजनेताओं की pension की बात ही अलग है. 

pension scheme के इस मुद्दे को लेकर सरदार सिंह जोहल जिने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उनके याचिका का विषय है काही सरकारी कर्मचारियों को रिटायर होने के बाद भी pension नही मिलती और राजनेताओं को सिर्फ पाच साल के बाद पेंशन मिलती है.

सरकारी कर्मचारियों का प्रश्न

पेन्शन से संबंधित काही कर्मचारी अपने देश में ऐसे भी है जिने उनका हक पूरी तरह से नही मिल रहा है. अपनी नोकरी को इमानदारी से निभाने वाले कर्मचारीही pension scheme से दूर हो जाते है. कही तो उनकी गलती दिखाकर उन्हे पेन्शन से वंचित रखा जाता है. सरकारी कर्मचारी पेन्शन मिलने के लिए आज भी झगडते हुए दिख रहे है. पेन्शन का मुद्दा किसी एक राज्य सीमित नही है. बल्कि यह देश भर के लोगो का मुद्दा हो गया है.

राजनीती नोकरी नही

सरदार जोहल जी का  यह मानना है की सांसद को pension scheme नही मिलने चाहिये. क्युकी राजनीति नोकरी या रोजगार नही है बल्कि यह मुक्त सेवा है. 2018 के सुधार अधिनियम नुसार राजनीति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एक चुनाव है, कोई सेवानिवृत्ति नहीं है, लेकिन उन्हें फिर से उसी स्थिति में चुना जा सकता है.

एक नही तीन-तीन पेन्शन

पंजाब मे रहने वाले सरदार सिंह जोहल जी पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित है. वे कहते है राजनीति मे एक और विकार यह है कि अगर कोई व्यक्ति पहले पार्षद रहा है, तो विधायक बन जाता है और फिर सांसद बन जाता है, तो उसे एक नहीं बल्कि तीन pension scheme मिलती है. यह देश के नागरिकों के साथ एक बड़ा विश्वासघात है, जिन्हें इसे रोकने के लिए तुरंत प्रयास करना होगा.

सांसदों को मिलती है ढेर सारी छुट

केंद्रीय वेतन आयोग के साथ, सांसदों के वेतन भत्ते को संशोधित किया जा रहा है. इसे आयकर के तहत लाया जाना चाहिए. वर्तमान में, सांसद अपने स्वयं के लिए मतदान करके मनमाने ढंग से वेतन और भत्ते बढ़ाते हैं और उस समय सभी दल एकजुट होते हैं. pension scheme सांसदों की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को छोड़ दिया जाना चाहिए. और भारत के सभी नेताओं के स्वास्थ्य की देखभाल किसी अन्य नागरिक की तरह ही होनी चाहिए. 

सरदार सिंह की मांगे

अपनी इस याचिका मे सरदार सिंह जिने कुछ मुद्दो पर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया है. वर्तमान में उनका इलाज अक्सर विदेश में किया जाता है. उन्हें बिजली, पानी और फोन बिल जैसी सभी रियायतें समाप्त होनी चाहिए. नेताओ के लिए भी आई ए एस और पी सी एस परीक्षा या टी इ टी जैसी कोई परीक्षा पास होना अनिवार्य होना चाहिए. अपराधियों को चुनाव लड़ने से रोका जाना चाहिए, दंडात्मक रिकॉर्ड वाले संदिग्ध व्यक्तियों, आपराधिक आरोपों और दृढ़ संकल्प, अतीत या वर्तमान को संसद से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.pension scheme से उन्हे दूर रखाना होगा.

मुफ्त रेल और हवाई जहाज की यात्रा बंद होनी चाहिए.

येतो हुयी सांसद और विधायकों की बात. लेकिन आम आदमी आम कर्मचारी अपने ही हक्के पैसे मिलाने के लिए परेशान हो जाता है. उसे अपनी खुद की ही pension scheme समय पर नही मिलती है. 

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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