अयोध्या मे प्रभू श्रीरामचंद्र के मंदिर के निर्माण का शुभारंभ हो चुका है. Supreme court के 5 जजो की बेंच ने 9 नोव्हेंबर 2019 को फैसला सूना कर राम मंदिर निर्माण का कार्य आसान किया. पिछले कुछ वर्षो से चले आ रहे Ram Mandir history की अधिक जानकारी लेते है.

अयोध्या के राम मंदिर का इतिहास लगभग 492 सालो से भी पुराना माना जाता है. इतिहास की बडी शृंखला मे 5 अगस्त का दिन सुवर्ण अक्षरो मे लिखा जायेगा. इस मंदिर को लेकर पुरे देश में आस्था और श्रद्धा का वातावरण निर्माण हुआ है. इतिहास के पंनो पर नजर डालकर देखे तो हमे क्या नजर आता है.

राम मंदिर निर्माण का इतिहास

राम मंदिर के इतिहास में  1528 से लेकर 2020 तक यानी 492 साल के इतिहास में कई मोड़ आए. कुछ मील के पत्थर भी पार किए गए. खास तौर से 9 नवंबर 2019 का दिन जब 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने ऐतिहासिक फैसले को सुनाया. अयोध्या जमीन विवाद मामला देश के सबसे लंबे चलने वाले केस में से एक रहा. आइए आपको बताते हैं Ram Mandir history के बारे मे…

साल 1528 : मुगल बादशाह बाबर के सिपहसालार मीर बाकी ने (विवादित जगह पर) एक मस्जिद का निर्माण कराया. इसे लेकर हिंदू समुदाय ने दावा किया कि यह जगह भगवान राम की जन्मभूमि है और यहां एक प्राचीन मंदिर था. हिंदू पक्ष के मुताबिक मुख्य गुंबद के नीचे ही भगवान राम का जन्मस्थान था.

1853 में इस जगह के आसपास पहली बार दंगे हुए. 1859 में अंग्रेजी प्रशासन ने विवादित जगह के आसपास बाड़ लगा दी. मुसलमानों को ढांचे के अंदर और हिंदुओं को बाहर चबूतरे पर पूजा करने की इजाजत दी.

1949 : असली विवाद शुरू हुआ 23 दिसंबर 1949 को, जब भगवान राम की मूर्तियां मस्जिद में पाई गईं. हिंदुओं का कहना था कि भगवान राम प्रकट हुए हैं, जबकि मुसलमानों ने आरोप लगाया कि किसी ने रात में चुपचाप मूर्तियां वहां रख दीं. यूपी सरकार ने मूर्तियां हटाने का आदेश दिया, लेकिन जिला मैजिस्ट्रेट केके नायर ने दंगों और हिंदुओं की भावनाओं के भड़कने के डर से इस आदेश को पूरा करने में असमर्थता जताई. सरकार ने इसे विवादित ढांचा मानकर ताला लगवा दिया.

1950 : फैजाबाद सिविल कोर्ट में दो अर्जी दाखिल की गई. इसमें एक में रामलला की पूजा की इजाजत और दूसरे में विवादित ढांचे में भगवान राम की मूर्ति रखे रहने की इजाजत मांगी गई. 1959 में निर्मोही अखाड़ा ने तीसरी अर्जी दाखिल की.

1961: यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अर्जी दाखिल कर विवादित जगह के पजेशन और मूर्तियां हटाने की मांग की.

1984: विवादित ढांचे की जगह मंदिर बनाने के लिए 1984 में विश्व हिंदू परिषद ने एक कमिटी गठित की.

1986 : यूसी पांडे की याचिका पर फैजाबाद के जिला जज के. एम. पांडे ने 1 फरवरी 1986 को हिंदुओं को पूजा करने की इजाजत देते हुए ढांचे पर से ताला हटाने का आदेश दिया.

6 दिसंबर 1992 : वीएचपी और शिवसेना समेत दूसरे हिंदू संगठनों के लाखों कार्यकर्ताओं ने विवादित ढांचे को गिरा दिया. देश भर में सांप्रदायिक दंगे भड़के गए, जिनमें 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए.

2002 : हिंदू कार्यकर्ताओं को लेकर जा रही ट्रेन में गोधरा में आग लगा दी गई, जिसमें 58 लोगों की मौत हो गई. इसकी वजह से गुजरात में हुए दंगे में 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए.

2010 : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित स्थल को सुन्नी वक्फ बोर्ड, रामलला विराजमान और निर्मोही अखाड़ा के बीच 3 बराबर-बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया.

2011 : सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई.

2017 : सुप्रीम कोर्ट ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट का आह्वान किया.

8 मार्च 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा. पैनल को 8 सप्ताह के अंदर कार्यवाही खत्म करने को कहा.

1 अगस्त 2019 : मध्यस्थता पैनल ने रिपोर्ट प्रस्तुत की.

2 अगस्त 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता पैनल मामले का समाधान निकालने में विफल रहा.

6 अगस्त 2019 : सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई शुरू हुई.

16 अक्टूबर 2019 : अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा.

9 नवंबर 2019 : सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया. 2.77 एकड़ विवादित जमीन हिंदू पक्ष को मिली. मस्जिद के लिए अलग से 5 एकड़ जमीन मुहैया कराने का आदेश.

25 मार्च 2020 : तकरीबन 28 साल बाद रामलला टेंट से निकलर फाइबर के मंदिर में शिफ्ट हुए.

5 अगस्त 2020 : राम मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम. पंतप्रधान नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और साधु-संतों समेत 175 लोगों को न्योता.

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शिक्षा यानी education जो हमारे जीवन को संस्कारित करती है. हमारे जीवन को आकार देती है. प्रेरणा यानी motivation हमे हर परिस्थिती से लढणे का बल प्रदान करती है. Education and motivation ये दोनो शब्द हमारे जीवन में काफी महत्व रखते है. Education और motivation इस विषय को लेकर हिंदी मे ब्लॉग लिख रहा हू, जिसका नाम है worldtruthblog.

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